मौसम बदलते ही बुखार से बचाव, मच्छरों पर नियंत्रण जरूरी
मौसम बदलने के साथ ही बुखार, सर्दी और मच्छरजनित बीमारियों के मामले बढ़ने लगते हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है और रुके हुए पानी में मच्छरों के पनपने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में थोड़ी सी सावधानी कई बीमारियों से बचा सकती है।
मच्छरों से बचाव का सबसे पहला कदम अपने आसपास पानी जमा न होने देना है। कूलर, गमले, टायर और छत पर रखे बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के पनपने की जगह बन जाता है। सप्ताह में एक बार इनकी सफाई करना, मच्छरदानी का उपयोग करना और शाम के समय पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना सरल लेकिन प्रभावी उपाय हैं।
बुखार आने पर घबराने के बजाय सही कदम उठाना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना, आराम करना और बिना डॉक्टर की सलाह के तेज दवाओं का सेवन न करना चाहिए। यदि बुखार तीन दिन से अधिक रहे, उल्टी हो, शरीर पर चकत्ते दिखें या अत्यधिक कमजोरी लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि ये डेंगू जैसी बीमारी के चेतावनी लक्षण हो सकते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। साफ पानी, पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद और स्वच्छ वातावरण से शरीर बीमारियों से लड़ने में मजबूत होता है। मौसम बदलने पर बचाव की आदतें ही सबसे सस्ती और सबसे अच्छी दवा साबित होती हैं।
