बारिश में भीगती सड़कों से सीखें विकास की नई जरूरत
बारिश में भीगती सड़कों से विकास की नई जरूरत को समझा जा सकता है। जब बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव होता है और यातायात धीमा पड़ जाता है तो यह बताता है कि बुनियादी ढाँचे को और मजबूत बनाने की जरूरत है। विकास का अर्थ केवल नई सड़कें बनाना नहीं, बल्कि उन्हें टिकाऊ बनाना भी है।
अच्छी सड़कें, सही जल निकासी और नियमित रखरखाव ही शहरों और गाँवों को बारिश के मौसम में भी चलायमान रखते हैं। अगर निर्माण के समय ही पानी की निकासी और गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए तो हर साल होने वाली मरम्मत की जरूरत कम हो जाएगी और जनता का पैसा भी बचेगा।
विकास की नई जरूरत यह भी है कि योजनाएँ लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनें। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, साइकिल के लिए अलग रास्ता और बसों के लिए सुगम मार्ग विकास को सबके लिए उपयोगी बनाते हैं। बारिश की हर बूँद हमें यही सिखाती है कि टिकाऊ विकास ही सच्चा विकास है।
