मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का बेंगलुरु में न्यायपालिका पर बड़ा बयान

बेंगलुरु। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में न्यायपालिका से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी ताकतों की वजह से चुनौतियां सामने आती हैं, फिर भी न्यायपालिका को संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग रहना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब न्यायिक स्वतंत्रता, मामलों के शीघ्र निपटारे और अदालतों में लंबित मुकदमों पर देशभर में चर्चा चल रही है।मुख्य न्यायाधीश के संबोधन में न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को सबसे बड़ी पूंजी बताया गया। उन्होंने कहा कि अदालतों की विश्वसनीयता ही लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। कार्यक्रम में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और विधि विशेषज्ञों ने भाग लिया और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने पर विचार साझा किए।विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष न्यायपालिका के ऐसे बयान निचली अदालतों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाते हैं। लंबित मामलों की संख्या घटाना, तकनीक का बेहतर उपयोग करना और आम नागरिक को समय पर न्याय दिलाना आने वाले समय की प्रमुख प्राथमिकताएं मानी जा रही हैं। बेंगलुरु के इस कार्यक्रम के बाद न्यायिक सुधारों पर बहस और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।