प्रोजेक्ट सीबर्ड ढांचे का उद्घाटन, नौसेना की ताकत बढ़ेगी

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत नए ढांचे का उद्घाटन किया गया। पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एडमिरल संजय वात्स्यायन ने इस अवसर पर परियोजना से जुड़ी सुविधाओं का शुभारंभ किया। प्रोजेक्ट सीबर्ड देश के सबसे बड़े नौसैनिक अड्डों में से एक के विस्तार से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना है।इस परियोजना से नौसेना के जहाजों की तैनाती, रखरखाव और संचालन क्षमता में बड़ा सुधार होगा। पश्चिमी समुद्री तट पर मजबूत नौसैनिक ढांचा देश की समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत का लंबा समुद्री तट और बढ़ता समुद्री व्यापार नौसेना की भूमिका को और अहम बनाता है।रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक बर्थिंग, तकनीकी और लॉजिस्टिक सुविधाओं से नौसेना की तैयारी मजबूत होगी और आपात स्थितियों में जवाबी क्षमता बढ़ेगी। प्रोजेक्ट सीबर्ड के आगे के चरण पूरे होने पर यह अड्डा क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भी भारत की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा। निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बने हैं और तटीय क्षेत्र के विकास को गति मिली है।