भारत को मिली पहली डेंगू वैक्सीन, साठ वर्ष तक सुरक्षा

भारत को अपनी पहली डेंगू वैक्सीन मिल गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जापान की कंपनी टाकेडा की वैक्सीन क्यूडेंगा को मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन डेंगू के चारों प्रकारों से बचाव के लिए बनाई गई है और इसे 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए स्वीकृत किया गया है। यह मंजूरी रोकथाम में महत्वपूर्ण कदम है।

क्यूडेंगा की खुराक की व्यवस्था दो इंजेक्शन की है, जो तीन महीने के अंतर पर दिए जाते हैं। प्रत्येक खुराक 0.5 मिलीलीटर की होती है और इसे त्वचा के नीचे लगाया जाता है। इस वैक्सीन की खास बात यह है कि इसे लगवाने से पहले यह जाँच जरूरी नहीं है कि व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ था या नहीं। इससे टीकाकरण की प्रक्रिया सरल हो जाती है।

यह वैक्सीन पहले निजी बाजार में उपलब्ध होगी। डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज को भारत में इसके वितरण और विपणन की जिम्मेदारी मिली है, जबकि सार्वजनिक बाजार के लिए टाकेडा के पास वाणिज्यिक अधिकार रहेंगे। इसके 2027 की पहली छमाही में उपलब्ध होने की उम्मीद है। कीमत अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

डेंगू भारत में लंबे समय से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती रहा है, खासकर मानसून के बाद के महीनों में। वैक्सीन मिलने से बचाव का एक नया साधन जुड़ गया है, लेकिन मच्छरों पर नियंत्रण, रुका हुआ पानी हटाना और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना जैसे उपाय अब भी जरूरी रहेंगे। टीका लगवाने का फैसला अपने डॉक्टर की सलाह से करना सबसे सही रहेगा।