प्रदर्शन कवरेज में महिला पत्रकारों की सुरक्षा पर उठे सवाल
नई दिल्ली। प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। कुछ महिला पत्रकारों ने कवरेज के समय बदसलूकी के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद मीडिया संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि फील्ड में काम करना हर पत्रकार का अधिकार है और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रमों की कवरेज के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल बने। महिला पत्रकारों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल उनके काम को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाचार कक्षों में महिलाओं की भागीदारी पर भी असर डालती हैं।
अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि कार्यस्थल और फील्ड दोनों जगह महिलाओं की सुरक्षा पर समझौता नहीं हो सकता। प्रशासन की ओर से मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो रही है। यह बहस प्रेस स्वतंत्रता के साथ-साथ महिलाओं के सुरक्षित काम के अधिकार से भी जुड़ी है।
