दिल्ली प्रदर्शन में वकीलों ने पुलिस व्यवहार पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान थाने के भीतर के व्यवहार को लेकर वकीलों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वकीलों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ बदसलूकी हुई और कई लोगों को मनमाने ढंग से रोका गया। इन आरोपों के बाद पुलिस कार्रवाई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वकीलों का कहना है कि हिरासत में लिए गए हर व्यक्ति को कानूनी सहायता पाना उसका संवैधानिक अधिकार है और परिजनों को सूचना देना भी अनिवार्य है। उन्होंने मांग की है कि आरोपों की स्वतंत्र जांच हो और थानों में सीसीटीवी व्यवस्था का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि हिरासत में अधिकारों का हनन न हो।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। पुलिस की ओर से आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। यह मामला अब हिरासत में अधिकारों को लेकर बड़ी बहस का विषय बन गया है।