पहली तिमाही में जीडीपी 7.8 प्रतिशत, आरबीआई ने बढ़ाया अनुमान

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जिसके बाद आरबीआई ने पूरे वर्ष के वृद्धि अनुमान को 40 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। दूसरी तिमाही में भी औद्योगिक उत्पादन और बैंक ऋण जैसे संकेतक इस रफ्तार के बने रहने का इशारा दे रहे हैं।

जुलाई-अगस्त में वस्तुओं का निर्यात 22.8 प्रतिशत और सेवाओं का निर्यात 13.5 प्रतिशत बढ़ा। पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 17.9 प्रतिशत बढ़ा, जो निवेश गतिविधि में मजबूती दर्शाता है। सेवा क्षेत्र की निरंतर रफ्तार और रोजगार की स्थिर स्थिति शहरी मांग को सहारा दे रही है, जबकि बुनियादी ढांचे पर सरकार का जोर निवेश को बल दे रहा है।

हालांकि कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून और मजबूत अल नीनो की स्थिति कृषि परिदृश्य के लिए जोखिम बनी हुई है। आरबीआई के अनुसार अनाज का पर्याप्त भंडार और सरकार की सक्रिय नीतिगत पहल इस असर को कम करेगी। द्विपक्षीय व्यापार समझौतों से वस्तु निर्यात को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।