अब बैंकों को रोज 99 प्रतिशत सीआरआर रखना होगा
भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए दैनिक नकद आरक्षित अनुपात के रखरखाव की न्यूनतम सीमा बढ़ा दी है। 16 अक्टूबर से शुरू पखवाड़े से बैंकों को निर्धारित सीआरआर का 99 प्रतिशत हर दिन रखना होगा, जो पहले 90 प्रतिशत था। इस कदम का उद्देश्य बैंकिंग व्यवस्था में अतिरिक्त तरलता को सोखना है।
आठ अक्टूबर तक बैंकिंग व्यवस्था में लगभग 3.88 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता थी। बैंकों द्वारा विदेशी मुद्रा जमा के भारी जुटाव और सरकार के महीने के अंत के खर्च से व्यवस्था में तरलता बढ़ गई थी। पिछले दो महीनों में आरबीआई परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो नीलामी और खुले बाजार संचालन के जरिए अतिरिक्त तरलता सोखने के कदम उठाता रहा है।
आरबीआई गवर्नर ने पहले ही आश्वासन दिया था कि अतिरिक्त तरलता वित्त वर्ष 2027 के अंत से आगे नहीं रहेगी, लेकिन सीआरआर बढ़ाना सबसे कम पसंदीदा विकल्प होगा। बैंक अधिकारियों के अनुसार दैनिक रखरखाव की ऊंची सीमा से बैंकों को अपनी नकदी प्रबंधन रणनीति और सतर्कता से बनानी होगी।
