एम्स डॉक्टरों ने कैंसर सर्जरी के दो चेतावनी क्षेत्र पहचाने
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने महिलाओं की जटिल कैंसर सर्जरी में खून की कमी घटाने वाले दो उच्च जोखिम वाले शारीरिक क्षेत्रों की पहचान की है। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एम. डी. रे और उनकी टीम ने 255 हिस्टरेक्टॉमी के अध्ययन के आधार पर सर्जरी की विधि में सुधार किया है।
टीम ने गर्भाशय की रक्त वाहिकाओं के नीचे के क्षेत्र को रेड अलर्ट जोन या रे जोन नाम दिया है, जहां मूत्रवाहिनी, मूत्राशय, श्रोणि की नसें और महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाएं एक-दूसरे के बेहद करीब होती हैं। दूसरा क्षेत्र रे हेपेटोकैवल त्रिकोण कहलाता है, जो यकृत की शल्यक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण होता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार रे जोन के सावधानीपूर्वक विच्छेदन से खून की हानि कम होगी और मूत्रवाहिनी, मूत्राशय व श्रोणि नसों को चोट से बचाया जा सकेगा, जिससे ऑपरेशन के बाद मरीजों की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह अध्ययन गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय और अंडाशय के कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।
