फार्मासिस्ट के बनाए ऐप को मिला भारत सरकार का कॉपीराइट
जोधपुर के एक सरकारी सैटेलाइट अस्पताल के फार्मासिस्ट ने मरीजों के डेटा से जुड़ी रोजमर्रा की परेशानी का हल निकालते हुए एक मोबाइल ऐप तैयार किया है। इस ऐप को भारत सरकार से कॉपीराइट भी प्राप्त हो गया है, जो इस नवाचार की अहमियत को दर्शाता है।
कहानी की शुरुआत करीब छह महीने पहले नाइट ड्यूटी के दौरान हुई, जब एक नर्सिंग ऑफिसर डेंटल विभाग की रिपोर्ट तैयार कर रही थीं और आंकड़े मिलाने में दिक्कत आ रही थी। रिपोर्ट के लिए उम्र, बीमारी और बीमारी के लक्षण जैसे विवरण शामिल होते हैं। इसी परेशानी को देखकर फार्मासिस्ट ने तकनीकी सहयोग से सॉफ्टवेयर विकसित करने का काम शुरू किया।
तैयार किए गए सॉफ्टवेयर का नाम मोर्बिडिटी रजिस्टर एप्लीकेशन रखा गया है। शुरुआती तौर पर इसका उद्देश्य दंत रोगों से संबंधित जानकारी सहेजना है, लेकिन आवश्यकता के अनुसार इसमें अन्य विभागों को भी जोड़ा जा सकता है। ऐप में आसानी से डेटा फीड किया जा सकता है और एक क्लिक पर पूरी रिपोर्ट मिल जाती है।
अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि इस ऐप से रिकॉर्ड हमेशा मोबाइल में सुरक्षित रहता है, जिससे कोई भी जानकारी आसानी से निकाली जा सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी सरकारी और निजी अस्पतालों के मरीजों का डेटा डिजिटल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, और ऐसे छोटे नवाचार इस दिशा में बड़ी मदद कर सकते हैं।
