विश्व पोलियो दिवस पर टीकाकरण का संदेश हुआ मजबूत

हर साल 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद पोलियो जैसी बीमारी के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करना और इस बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के संकल्प को दोहराना है। भारत में पल्स पोलियो अभियान की सफलता को दुनिया भर में एक मिसाल के रूप में देखा जाता है।

पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो खासकर छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और समय पर टीका न लगने पर स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। लेकिन नियमित टीकाकरण से इस बीमारी को रोका जा सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर टीकाकरण शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।

भारत में पोलियो उन्मूलन की यात्रा लंबी और मेहनत भरी रही है। लाखों स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की मेहनत से घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। आज भी नवजात और छोटे बच्चों के टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि यह बीमारी दोबारा सिर न उठा सके।

विश्व पोलियो दिवस के मौके पर अभिभावकों से अपील की जाती है कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण समय पर जरूर कराएं और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। टीकाकरण का एक छोटा सा कदम बच्चे के पूरे जीवन को सुरक्षित बना सकता है।