वंदे भारत स्लीपर का पहला प्रोटोटाइप मार्च तक आएगा

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इंतजार अब थोड़ा और लंबा हो गया है। भारतीय रेलवे और निर्माता कंपनी किनेट रेलवे सॉल्यूशंस के बीच चल रही तैयारियों के मुताबिक पहला प्रोटोटाइप मार्च 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है। पहले यह लक्ष्य दिसंबर 2026 रखा गया था, लेकिन कुछ तकनीकी मंजूरियों और पुर्जों से जुड़े मुद्दों के चलते समयसीमा आगे बढ़ी है।

किनेट रेलवे सॉल्यूशंस को 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाने का करीब 14,400 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। हर ट्रेनसेट में 16 कोच होंगे और कुल 823 बर्थ की क्षमता रहेगी। इन ट्रेनों का निर्माण महाराष्ट्र के लातूर स्थित कारखाने में हो रहा है, जो भारत-रूस संयुक्त उद्यम के तहत विकसित किया गया है।

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि प्रोटोटाइप के लिए बुनियादी डिजाइन की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन उत्पादन से पहले कुछ अतिरिक्त स्वीकृतियाँ लेनी बाकी हैं। मौजूदा वंदे भारत ट्रेनें दिन के समय चलती हैं, जबकि स्लीपर संस्करण लंबी दूरी की रात की यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आधुनिक इंटीरियर, बेहतर आराम और तेज रफ्तार का संयोजन होगा।

यात्रियों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि दिल्ली-वाराणसी जैसे व्यस्त मार्गों पर रात की प्रीमियम सेवा की मांग लगातार बढ़ रही है। रेलवे का लक्ष्य है कि प्रोटोटाइप के परीक्षण पूरे होने के बाद इन ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से प्रमुख मार्गों पर उतारा जाए।