गगनयान का पहला मानव रहित मिशन उड़ान के करीब
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की दिशा में एक और अहम पड़ाव पार हो गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के गगनयान-1 मिशन को अगले तीन से चार महीनों के भीतर उड़ान के लिए हरी झंडी मिल गई है। यह मिशन मानव रहित होगा और इसमें व्योममित्र नाम का अर्ध-मानवरूपी रोबोट सवार होगा, जो केबिन के माहौल की निगरानी करेगा।
इसरो के अधिकारियों के मुताबिक गगनयान कार्यक्रम के लिए अब तक आठ हजार से अधिक जमीनी परीक्षण पूरे किए जा चुके हैं। इनमें क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल के अलगाव का परीक्षण, पैराशूट प्रणाली के परीक्षण और जीवन रक्षा प्रणालियों की जांच शामिल है। हाल ही में अक्टूबर में क्रू मॉड्यूल-सर्विस मॉड्यूल पृथक्करण का जमीनी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हुआ था।
योजना के अनुसार पहले तीन मानव रहित परीक्षण उड़ानें होंगी और उसके बाद ही भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष भेजा जाएगा। मानव-रेटेड एलवीएम-3 रॉकेट को इस मिशन के लिए तैयार किया गया है। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसरो ने समयसीमा में कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहा है।
गगनयान भारत का पहला स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन होगा। इसके बाद भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में भी काम चल रहा है, जिसका पहला मॉड्यूल 2028 तक लॉन्च करने का लक्ष्य है।
