लखनऊ नगर निगम में लंबित नामांतरण मामलों की जांच तेज हुई
लखनऊ नगर निगम में नामांतरण के लंबित मामलों का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में दो सौ छह ऐसे मामले सामने आए, जिनका निराकरण लंबे समय से नहीं किया जा रहा था। इसके बाद अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इन मामलों में फाइलों को रोकने के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आवेदकों को कमियों के बारे में सही जानकारी दी गई थी या नहीं। संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि नामांतरण कराना आसान नहीं है और कई बार उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक मामले में तो नामांतरण के लिए बड़ी रकम मांगे जाने का आरोप भी सामने आया था, जिस पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई थी।
नगर निगम ने अब लंबित पत्रावलियों को निकालकर उनका निपटारा शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि नामांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को बिना परेशानी के अपना काम कराने में सुविधा मिल सके।
