मांडवी नदी में प्रदूषण बढ़ा, स्वच्छ जल अधिकार पर सवाल
गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अंतरिम रिपोर्ट में पणजी की मांडवी नदी में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर अनुमत सीमा से अधिक पाया गया है। यह निष्कर्ष नदी के पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
मांडवी नदी गोवा की जीवनरेखा मानी जाती है और हज़ारों लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस पर निर्भर हैं। प्रदूषित पानी से जनस्वास्थ्य और जलीय जीवन दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने नदी में गिरने वाले अपशिष्ट पर सख्त रोक और नियमित निगरानी की माँग की है। उनका कहना है कि स्वच्छ जल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने और अपने अधिकारों की जानकारी रखने का हक है। यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसे कानूनी सहायता लेने और संबंधित आयोग या प्राधिकरण तक अपनी बात पहुँचाने का पूरा अधिकार है। जागरूकता ही अधिकारों की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में साथ मिलकर काम करना होगा।
