भारत-ईयू व्यापार समझौते पर दिसंबर में होंगे हस्ताक्षर

भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर इसी साल 16 दिसंबर को ब्रुसेल्स में हस्ताक्षर होने की तैयारी है। दोनों पक्षों के राजनयिक सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यह समझौता औपचारिक रूप से संपन्न होगा।

इस समझौते पर बातचीत करीब 17 वर्षों से चल रही थी। 2007 में शुरू हुई वार्ता 2013 में अटक गई थी, जिसे 2022 में फिर से शुरू किया गया। 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में वार्ता के समापन की घोषणा हुई थी। इसके बाद यूरोपीय आयोग ने समझौते के पाठ को हस्ताक्षर और अनुमोदन के लिए यूरोपीय परिषद को भेज दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र बनेगा, जो विश्व की एक-चौथाई आबादी और करीब 25 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी को कवर करेगा। समझौते के तहत भारत को यूरोपीय संघ के 90 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर शुल्क में कटौती या समाप्ति का लाभ मिलेगा।

वाणिज्य राज्य मंत्री के अनुसार भारत ने समान शर्तों पर यह समझौता किया है। सरकार का जोर प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्थानीय विनिर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर है, ताकि भारतीय उद्योग वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके।