छोटे शहरों से निकल रहे स्टार्टअप, युवा उद्यमियों की नई लहर

स्टार्टअप अब केवल बेंगलुरु, मुंबई या दिल्ली तक सीमित नहीं रहे। इंदौर, कोयंबटूर, जयपुर और लखनऊ जैसे छोटे शहरों से भी युवा उद्यमी नई-नई कंपनियां शुरू कर रहे हैं। सस्ता इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और सरकारी योजनाओं के चलते छोटे शहरों में स्टार्टअप का माहौल बन रहा है।

इन स्टार्टअप्स में कृषि तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और ई-कॉमर्स से जुड़े आइडिया प्रमुख हैं। स्थानीय समस्याओं का समाधान खोजने वाले इन उद्यमों को निवेशक भी मिल रहे हैं। कई स्टार्टअप ने तो विदेशी निवेश भी हासिल किया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा अब नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाले बन रहे हैं।

सरकार की स्टार्टअप इंडिया योजना से छोटे शहरों के उद्यमियों को काफी मदद मिल रही है। कर में छूट, आसान कर्ज और मेंटरशिप से युवाओं का हौसला बढ़ा है। इन्क्यूबेशन सेंटर और को-वर्किंग स्पेस भी छोटे शहरों में खुल रहे हैं, जिससे उद्यमियों को काम करने की जगह और मार्गदर्शन मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों के स्टार्टअप से संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा। महानगरों पर दबाव कम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होंगे। हालांकि फंडिंग और कुशल मानव संसाधन की कमी अभी भी चुनौती है। फिर भी युवा उद्यमियों की नई लहर देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है।