ऊपर सोलर पैनल नीचे फ़सल, एग्रीवोल्टाइक सम्मेलन शुरू

नई दिल्ली। खेत की उसी ज़मीन पर फ़सल भी उगे और बिजली भी बने, इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए राजधानी के भारत मंडपम में सातवें एग्रीवोल्टाइक विश्व सम्मेलन की शुरुआत हुई। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस दौरान देश-विदेश के विशेषज्ञ, शोधकर्ता और किसान प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे।

एग्रीवोल्टाइक तकनीक में खेतों में ऊँचाई पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं और उनके नीचे फ़सलें उगाई जाती हैं। इससे किसान को एक ही खेत से दोहरी आमदनी का रास्ता खुलता है। एक ओर फ़सल की उपज मिलती है और दूसरी ओर पैदा हुई बिजली से आय बढ़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल पानी की बचत और फ़सलों को तेज़ धूप से सुरक्षा देने में भी मददगार साबित हो सकता है।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान के एक संयुक्त लेख में भी इस तकनीक को किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा माध्यम बताया गया है। सम्मेलन में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि छोटी जोत वाले किसानों तक यह तकनीक कैसे पहुँचे और इसकी लागत कैसे कम हो। प्रतिभागियों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में एग्रीवोल्टाइक परियोजनाएँ देश के कई राज्यों में विस्तार पाएंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मज़बूती देंगी।