ईसी विवाद पर आरटीआई खुलासा, एक नवंबर को रैली का ऐलान
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग के कामकाज में शामिल थी। उन्होंने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के एक अधिकारी के खिलाफ शिकायतें कैबिनेट सचिव को भेजी थीं, लेकिन कैबिनेट सचिवालय ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
दोनों आयुक्तों ने 29 जुलाई को अलग-अलग पत्रों में कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन से अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। यह मामला आयोग के भीतर एक कार्य-आवंटन आदेश से जुड़ा था, जिससे मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की शक्तियां राज्य स्तर के बजाय केंद्र में केंद्रित होने का खतरा बताया गया था। हालांकि सचिवालय ने जवाब में कहा कि पत्र आयुक्तों ने व्यक्तिगत क्षमता में लिखे थे और आयोग की ओर से कोई आधिकारिक संदेश नहीं था, इसलिए कार्रवाई अनुचित हस्तक्षेप मानी जाती।
वेणुगोपाल ने घोषणा की कि इस खुलासे के बाद विपक्ष के इंडिया गठबंधन ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली का आयोजन तय किया है। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लाया जाने वाला कोई भी नया प्रस्ताव संसदीय नियमों के अनुसार परखा जाएगा।
