आपातकाल में एंबुलेंस को रास्ता देना हर नागरिक का कर्तव्य
आपातकाल में एंबुलेंस को रास्ता देना हर नागरिक का कर्तव्य है। सड़क पर जब एंबुलेंस का सायरन सुनाई दे, तो हर सेकंड किसी की जान के लिए कीमती होता है। थोड़ी सी देर भी मरीज़ के जीवन पर भारी पड़ सकती है, इसलिए चालकों को तुरंत बाईं ओर हटकर रास्ता खाली करना चाहिए और पैदल चलने वालों को भी रास्ता देना चाहिए।
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि एंबुलेंस को रास्ता देना कानून का पालन ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का भी प्रमाण है। कई बार लोग सायरन सुनकर भी अनदेखी करते हैं या एंबुलेंस के पीछे तेज गति से चलते हैं, जो खतरनाक है। सही तरीका यह है कि सड़क खाली करें और एंबुलेंस को बिना रुकावट आगे बढ़ने दें।
स्कूलों और ड्राइविंग प्रशिक्षण में इस विषय को प्रमुखता से सिखाया जाना चाहिए। जब हर नागरिक यह समझ लेगा कि आज किसी और की मदद करके वह कल अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रहा है, तो सड़कों पर मानवीयता का माहौल बनेगा। एंबुलेंस को रास्ता देना छोटा कदम है, लेकिन इसका अर्थ जीवन बचाना है।
