सर्दी में हृदय रोग से बचाव को डॉक्टरों ने दिए सुझाव
सर्दियों में हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए डॉक्टरों ने बचाव के लिए कई सुझाव दिए हैं। ठंड में रक्त वाहिनियाँ सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ता है और हृदय पर दबाव पड़ता है। यही कारण है कि सर्दी के महीनों में हृदय संबंधी समस्याओं के मामले अधिक देखे जाते हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह की सर्द हवा में भारी व्यायाम से बचें, शरीर को गर्म रखें और संतुलित आहार लें। नमक और तले-भुने भोजन से परहेज, नियमित दवाएँ समय पर लेना और धूम्रपान से दूरी हृदय की सेहत के लिए जरूरी है। छाती में दर्द, साँस फूलना या पसीना आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों और पहले से हृदय रोग से ग्रस्त लोगों को सर्दियों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। नियमित जाँच और सतर्कता से हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
