अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा शुरू, 347 देवी-देवता होंगे शामिल
जब देश के अधिकांश हिस्सों में दशहरा उत्सव समाप्त हो जाता है, तब हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में उल्लास शुरू होता है। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव 21 से 27 अक्टूबर तक ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में मनाया जा रहा है, जिसमें इस वर्ष 347 देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया है। यह उत्सव भगवान रघुनाथ को समर्पित है और इसकी परंपरा सत्रहवीं शताब्दी से चली आ रही है।
महोत्सव का उद्घाटन राज्यपाल ने भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा में भाग लेकर किया। मुख्य आकर्षण देवी-देवताओं की सुसज्जित पालकियों का आगमन और भक्तों द्वारा रघुनाथ जी के लकड़ी के भव्य रथ को खींचने की परंपरा है। मनाली से देवी हिडिंबा का आगमन भी उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
इस वर्ष महोत्सव में दस देशों के कलाकार वैश्विक नृत्य प्रस्तुतियों में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे भक्ति, लोक संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय कला का संगम देखने को मिल रहा है। आयोजकों ने परंपराओं की पवित्रता और देवी-देवताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ढालपुर मैदान में अस्थायी दुकानों पर रोक लगाई है। मुख्यमंत्री 26 अक्टूबर को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
