विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी, घरेलू निवेशक बने सहारा
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला जारी है। 22 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने 3,458.70 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले 19 अक्टूबर को भी उन्होंने 1,148.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों से दूरी बना रहे हैं।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने का काम किया है। 22 अक्टूबर को घरेलू निवेशकों ने 2,891.32 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, और यह लगातार तीसरा सत्र रहा जब वे शुद्ध खरीदार बने रहे। म्यूचुअल फंडों में आ रहे नियमित निवेश से घरेलू संस्थानों के पास खरीदारी की ताकत बनी हुई है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी और घरेलू निवेशकों के बीच यह खींचतान बाजार की दिशा तय कर रही है। विदेशी बिकवाली से दबाव बढ़ता है, लेकिन घरेलू खरीदारी गिरावट को थामने में मदद करती है। यही वजह है कि बड़ी गिरावट के बावजूद बाजार पूरी तरह नहीं टूटा है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि खुदरा निवेशकों को विदेशी निवेशकों के उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से सिप (SIP) जारी रखना चाहिए। बाजार की अस्थिरता में अनुशासित निवेश ही सबसे बड़ा हथियार है।
