राष्ट्रीय पोषण माह में कुपोषण मुक्ति का संकल्प दोहराया गया
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान देशभर में कुपोषण के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो।
अभियान में स्थानीय खाद्य पदार्थों से संतुलित आहार की जानकारी दी जा रही है। पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि महंगे खाद्य पदार्थों की जरूरत नहीं, दाल, हरी सब्जियाँ, दूध और मौसमी फलों से ही बच्चों का पूरा पोषण हो सकता है। आंगनवाड़ियों में पोषण थाली का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि पहले 1000 दिन बच्चे के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही पोषण से बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। समुदाय की भागीदारी से ही कुपोषण मुक्ति का लक्ष्य हासिल होगा।
