पैरा खेलों में भारत का उदय, व्यवस्था पर विशेष रिपोर्ट
एशियाई पैरा खेलों में 88 पदकों के साथ भारत का चौथा स्थान केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा की कहानी नहीं है, यह व्यवस्था में आए बदलाव का भी संकेत है। एक ही दिन 26 पदक और ऊँची कूद में पूरा पोडियम भारत के नाम होना अभूतपूर्व है।
शीतल देवी, शैलेश कुमार और सुवर्णा राज जैसे खिलाड़ियों ने साबित किया है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो भारतीय पैरा खिलाड़ी विश्व स्तर पर टक्कर दे सकते हैं। कई खिलाड़ियों ने खेल और एशियाई रिकॉर्ड भी बनाए हैं।
फिर भी ज़मीनी हकीकत यह है कि ज़िला स्तर पर सुगम खेल सुविधाएँ और विशेष प्रशिक्षक अभी भी कम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता को स्थायी बनाने के लिए जमीनी ढाँचे में निवेश बढ़ाना होगा, ताकि अगली पीढ़ी के खिलाड़ी और आगे जा सकें।
