सुवर्णा राज का सुगम्यता अभियान, हज़ार से अधिक ऑडिट पूरे
पैरा एथलीट सुवर्णा राज केवल खेल के मैदान में ही नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के अधिकारों के क्षेत्र में भी मिशाल हैं। उन्होंने भारत में एक हज़ार से अधिक सुगम्यता ऑडिट किए हैं, जिनसे सार्वजनिक स्थानों को दिव्यांगों के लिए सुलभ बनाने में मदद मिली है।
व्हीलचेयर का उपयोग करने वाली सुवर्णा 2017 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। खेल के साथ-साथ उनका यह अभियान समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सोच बदलने का काम कर रहा है।
उन्हें 2015 में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुगम्यता केवल सुविधा नहीं, बल्कि समानता और सम्मान का प्रश्न है।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने और अपने अधिकारों की जानकारी रखने का हक है। यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसे कानूनी सहायता लेने और संबंधित आयोग या प्राधिकरण तक अपनी बात पहुँचाने का पूरा अधिकार है। जागरूकता ही अधिकारों की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में साथ मिलकर काम करना होगा।
