राष्ट्रपति ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के कलाकारों को सम्मानित किया
नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए चयनित कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए चित्रकारों, मूर्तिकारों और अन्य विधाओं के कलाकारों की रचनात्मक उपलब्धियों को सम्मान मिला। राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी भारतीय समकालीन कला का एक प्रमुख मंच मानी जाती है, जहां स्थापित कलाकारों के साथ-साथ उभरती प्रतिभाओं को भी अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
ललित कला अकादमी देश में दृश्य कलाओं के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए कार्य करने वाली प्रमुख संस्था है। अकादमी की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में हर वर्ष बड़ी संख्या में प्रविष्टियां आती हैं, जिनमें से चयन समिति उत्कृष्ट कृतियों को प्रदर्शनी और पुरस्कार के लिए चुनती है। इस वर्ष की प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिकला, ग्राफिक और मिश्रित माध्यम समेत कई विधाओं की कृतियां शामिल रहीं।
कला विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से कलाकारों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है और युवा पीढ़ी को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पुरस्कार पाने वाले कलाकारों ने इसे अपने रचनात्मक सफर की बड़ी उपलब्धि बताया। प्रदर्शनी के माध्यम से आम दर्शकों को भी देश की विविध कला परंपराओं और नए प्रयोगों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।
