दीवाली के बाद बढ़ते प्रदूषण से सांस के मरीज रहें सतर्क
लखनऊ। दीपावली के बाद शहरों की वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। धुएं और धूल के कणों के बढ़ने से अस्थमा और सांस के पुराने मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चिकित्सकों के अनुसार सुबह की सैर पर निकलने से पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक जांच लेना चाहिए। बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें और घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें। बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से बचाना चाहिए तथा इनहेलर साथ रखना चाहिए।
विशेषज्ञों ने हरी पटाखों के प्रयोग और सामूहिक आतिशबाजी को प्रदूषण घटाने का बेहतर विकल्प बताया है। पर्याप्त पानी पीने और पौष्टिक आहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है। सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी लोगों से पटाखों का सीमित प्रयोग करने और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।
