रिहाई में देरी के हथकंडों का आरोप, CJP का कड़ा विरोध

सीजेपी ने अपने प्रवक्ताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी किए जाने का आरोप लगाया है। संगठन से जुड़े अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों और कार्यकर्ताओं पर सख्ती दिखाने की बजाय व्यवस्था को निष्पक्ष न्याय पर ध्यान देना चाहिए।

संगठन का आरोप है कि अदालती प्रक्रिया में बार-बार तारीखें बढ़ाकर दोनों को लंबे समय तक हिरासत में रखना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सीजेपी ने कहा है कि वह इस लड़ाई को कानूनी दायरे में रहते हुए आगे बढ़ाएगा।

गौरतलब है कि टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद दर्ज मामले में दोनों प्रवक्ता न्यायिक हिरासत में हैं और अदालत ने हाल ही में उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी है। अधिकार संगठनों ने मामले की निष्पक्ष और त्वरित सुनवाई की मांग दोहराई है।