पेंशन के लिए सेवानिवृत्तों को अदालत क्यों आना पड़े: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने हक की पेंशन पाने के लिए अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाना पड़ता है। अदालत ने कहा कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारी का अर्जित अधिकार है, जो उसे समय पर और बिना परेशानी मिलना चाहिए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र को व्यवस्था सुधारने की सलाह दी, ताकि बुजुर्ग पेंशनभोगियों को दफ्तरों और अदालतों के चक्कर न काटने पड़ें। अदालत ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन हर कर्मचारी का अधिकार है।

पेंशनभोगी संगठनों ने अदालत की टिप्पणी का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही पेंशन वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं होते हुए भी जमीनी स्तर पर बुजुर्गों की परेशानी कम नहीं हुई है।