तलाक के बाद टूटे चहल, मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बोले

भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि तलाक के बाद का दौर उनके लिए बेहद कठिन रहा और इस दौरान वे शराब की लत का शिकार हो गए। चहल के मुताबिक उन्हें पैनिक अटैक भी आए और वे 26 दिनों तक रिहैब में रहे।

चहल ने कहा कि उस दौर में वे खुद को सबसे अलग-थलग महसूस करते थे और खेल पर ध्यान देना मुश्किल हो गया था। परिवार और करीबी दोस्तों के सहयोग से वे धीरे-धीरे संभले। अब वे चाहते हैं कि उनकी कहानी सुनकर दूसरे लोग भी मानसिक परेशानी में मदद लेने से न हिचकिचाएं।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रसिद्ध खिलाड़ियों का ऐसी बातें साझा करना समाज के लिए सकारात्मक कदम है। इससे मानसिक बीमारियों से जुड़ा कलंक घटता है और लोग इलाज की ओर बढ़ते हैं। चहल की यह स्वीकारोक्ति कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है।