सारनाथ में विपश्यना ध्यान शिविरों की ओर बढ़ता रुझान
बौद्ध धर्म के पवित्र स्थल सारनाथ में विपश्यना और ध्यान शिविरों की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। ध्यान केंद्रों के अनुसार शहरों की भागदौड़ भरी जिंदगी से राहत पाने के लिए युवा बड़ी संख्या में इन शिविरों में हिस्सा ले रहे हैं। सप्ताहांत के शिविरों में सीटें पहले से भर जाती हैं।
विपश्यना ध्यान की परंपरा भगवान बुद्ध से जुड़ी है और सारनाथ वही स्थान है जहाँ उन्होंने पहला उपदेश दिया था। यही कारण है कि यहाँ ध्यान का विशेष महत्व माना जाता है। शिविरों में प्रतिभागियों को मौन रहकर सांस पर ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास कराया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित ध्यान से तनाव, अनिद्रा और चिंता में कमी आती है। यही वजह है कि कॉरपोरेट जगत के लोग भी इन शिविरों में आ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने ध्यान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाने की योजना बनाई है।
