साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस चला रही जागरूकता अभियान

डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। ठग फोन कॉल, फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट और लालच भरे संदेशों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इससे बचाव के लिए पुलिस विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।

अभियान के तहत लोगों को बताया जा रहा है कि किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या संदेश पर बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। बैंक या सरकारी विभाग कभी भी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगते। किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है।

पुलिस का कहना है कि ठगी का शिकार होने पर घबराने की बजाय तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत होगी, ठगे गए पैसे को रोकने और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। साइबर हेल्पलाइन और नजदीकी थाने में शिकायत की सुविधा उपलब्ध है।

जागरूकता अभियान में स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। खासकर बुजुर्गों और कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना अभियान की प्राथमिकता है, ताकि कोई भी व्यक्ति ठगों के झांसे में न आए।