सत्ता परिवर्तन पर सतर्क रहने की जरूरत भागवत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि सत्ता परिवर्तन को लेकर समाज को सतर्क रहने की जरूरत है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बदलाव की प्रक्रियाओं पर पैनी नजर रखनी चाहिए, ताकि राष्ट्रहित प्रभावित न हो। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा का विषय माना जा रहा है।

गौरतलब है कि मंगलवार को संघ का स्थापना दिवस भी मनाया गया, जिस पर प्रधानमंत्री ने बधाई संदेश भी जारी किया। भागवत का बयान ऐसे समय आया है, जब देश के कई राज्यों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और विपक्षी दल लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि सरसंघचालक के बयान के राजनीतिक मायने दूर तक जाएंगे।

संघ प्रमुख के बयानों को हमेशा गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि संगठन की विचारधारा का असर सामाजिक और राजनीतिक जीवन पर व्यापक रूप से देखा जाता है। विपक्षी दलों ने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने-अपने तर्क रखे हैं, वहीं समर्थकों का कहना है कि यह चेतावनी देशहित में दी गई सामान्य अपील है। आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है।