शारदीय नवरात्रि अष्टमी-नवमी की तिथि और कन्या पूजन मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिनों में अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इन तिथियों पर कन्या पूजन और हवन का विशेष महत्व माना जाता है। मंदिरों और घरों में मां दुर्गा की आराधना पूरे विधि-विधान के साथ की जा रही है।

पंचांग के अनुसार अष्टमी और नवमी के दिन शुभ मुहूर्त में कन्या पूजन करने से मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालु छोटी कन्याओं को भोजन कराकर उपहार देते हैं और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है।

ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि व्रत का पारण विधिपूर्वक करना चाहिए। इस दौरान दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु इन पावन तिथियों पर मां के नौ स्वरूपों की पूजा का संकल्प पूर्ण करते हैं। नवरात्रि के समापन के साथ ही दशहरे की तैयारियां भी जोर पकड़ने लगती हैं और मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है।