रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आईआईटी शोध से रक्षा आवश्यकताएँ पूरी हों

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी अपने शोध और नवाचार के माध्यम से देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और रक्षा क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया।उनके अनुसार आधुनिक युद्ध तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी शोध समय की माँग है। आईआईटी के शोधकर्ताओं के पास इन क्षेत्रों में काम करने की क्षमता मौजूद है।रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जगत और रक्षा उत्पादन के बीच साझेदारी से आत्मनिर्भरता को गति मिलेगी। आयात पर निर्भरता घटाने के लिए घरेलू तकनीक विकसित करना आवश्यक माना जा रहा है।सरकार रक्षा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप और शोध संस्थानों को जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले वर्षों में इस सहयोग के ठोस परिणाम देखने की उम्मीद जताई गई है।