मध्य प्रदेश में वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा को विशेष दल
मध्य प्रदेश में वन्यजीवों के आवागमन वाले गलियारों की सुरक्षा के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं। ये दल गलियारों में गश्त करेंगे, अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगे और वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करेंगे। वन्यजीव गलियारे जंगलों को आपस में जोड़ते हैं, जिससे जानवरों को भोजन और प्रजनन के लिए पर्याप्त क्षेत्र मिलता है।
विशेष दलों में वन विभाग के कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को भी शामिल किया जा रहा है। उन्हें वन्यजीवों की पहचान, पैरों के निशान पढ़ने और खतरे की सूचना देने का प्रशिक्षण दिया गया है। गलियारों के आसपास बसे गाँवों के लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है ताकि मानव-वन्यजीव टकराव कम हो सके।
वन विशेषज्ञों का कहना है कि गलियारों की सुरक्षा बाघ, तेंदुआ और अन्य प्रजातियों के लंबे समय तक बने रहने के लिए जरूरी है। यदि गलियारे टूट जाएँ, तो वन्यजीव छोटे टुकड़ों में सिमट जाते हैं। यह पहल राज्य के समृद्ध वन्यजीवन को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
