मंदिर प्रवेश आंदोलन शताब्दी पर समानता का संदेश चर्चा में

दलित मंदिर प्रवेश आंदोलन की शताब्दी के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले स्मरण कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। यह कार्यक्रम अक्टूबर 2026 से अक्टूबर 2027 तक देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किए जाएँगे।

वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक संगठनों का कहना है कि मंदिर प्रवेश आंदोलन भारतीय समाज में समानता और गरिमा के संघर्ष का महत्वपूर्ण अध्याय है। शताब्दी वर्ष में सेमिनार, प्रदर्शनियों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाएगा।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह अवसर भेदभाव के खिलाफ संवैधानिक मूल्यों को दोहराने का है। उनका कहना है कि समानता का अधिकार केवल कानून में नहीं, समाज के व्यवहार में भी दिखना चाहिए।