भाई दूज पर बहनें करेंगी भाई की लंबी उम्र की कामना
दीपावली पर्व का समापन भाई दूज के साथ होता है। इस वर्ष भाई दूज दस नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, और भाई बहनों को उपहार देते हैं। यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार यमराज अपनी बहन यमी के घर गए थे, जहां यमी ने उनका स्वागत किया, तिलक लगाया और भोजन कराया। यमराज ने प्रसन्न होकर वरदान दिया कि जो भाई इस दिन बहन के घर तिलक कराएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। इसी कथा से भाई दूज की परंपरा जुड़ी मानी जाती है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है।
आज के समय में दूर रहने वाले भाई-बहन भी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन तिलक की परंपरा का महत्व अब भी बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि ऐसे पर्व परिवार के रिश्तों को मजबूत करते हैं और पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं।
