ब्रिटेन छात्राओं के विरोध की गूंज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर
ब्रिटेन में स्कूली छात्राओं के शांतिपूर्ण विरोध की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच गई है। छात्राएं बच्चों के लिए असुरक्षित ऑनलाइन सामग्री के खिलाफ सख्त कदमों की मांग कर रही हैं। कई देशों के बाल अधिकार संगठनों ने इस पहल का समर्थन किया है और कहा है कि डिजिटल सुरक्षा का मुद्दा अब किसी एक देश तक सीमित नहीं रहा। विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्मों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक नियमों की मांग लगातार तेज हो रही है। कुछ देशों ने पहले ही बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर आयु सीमा जैसे कदम उठाए हैं। भारत समेत कई देशों में भी इस बहस को नई दिशा मिली है, जहां माता-पिता और शिक्षक बच्चों के स्क्रीन समय को लेकर चिंतित हैं। छात्राओं का कहना है कि उनकी आवाज नीति बनाने वालों तक पहुंचनी चाहिए, क्योंकि फैसला उन्हीं के भविष्य से जुड़ा है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भी यह मुद्दा उठने की संभावना है।
