बुज़ुर्ग होती आबादी दो हज़ार पचास तक हर पाँचवाँ व्यक्ति वरिष्ठ
भारत की आबादी तेज़ी से बुज़ुर्ग हो रही है। अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2050 तक देश में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की हिस्सेदारी कुल आबादी की 20.8 प्रतिशत हो जाएगी। यानी आने वाले समय में लगभग हर पाँचवाँ व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक होगा।
कुल्लू के एक चिकित्सक ने इस बदलती तस्वीर को देखते हुए वृद्धावस्था देखभाल के लिए एकीकृत व्यवस्था की माँग की है। उनका कहना है कि बुज़ुर्गों को इलाज के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें, ऐसी समन्वित सेवाएँ ज़रूरी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों के दर्द, मधुमेह, हृदय रोग और स्मृति संबंधी समस्याएँ आम होती हैं। ऐसे में जेरियाट्रिक यानी वृद्ध चिकित्सा की विशेष सुविधाएँ हर ज़िले तक पहुँचाना समय की माँग है।
सरकारी योजनाओं में पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और देखभाल केंद्रों के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है। परिवारों को भी बुज़ुर्गों की देखभाल के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है।
