बाल अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया
मानवाधिकार डेस्क। बच्चों के अधिकारों को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें शिक्षा, सुरक्षा और पोषण जैसे विषयों पर जोर दिया गया। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों को बताया कि हर बच्चे को पढ़ने, खेलने और सुरक्षित वातावरण में बढ़ने का अधिकार है। बाल श्रम और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ भी संदेश दिया गया और लोगों से ऐसे मामलों की सूचना संबंधित विभागों को देने की अपील की गई। विद्यालयों में बच्चों को उनके अधिकारों की सरल भाषा में जानकारी दी गई ताकि वे स्वयं भी जागरूक बन सकें। सामाजिक संगठनों का कहना है कि बच्चों से जुड़े मामलों में समाज की संवेदनशीलता बढ़ाना जरूरी है। अभियान में यह भी बताया गया कि जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए हेल्पलाइन और बाल कल्याण समितियों की व्यवस्था मौजूद है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता ही बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा का पहला कदम है। कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया गया।
