बच्चों को ढाल बनाने वालों पर एफआईआर, एनएचआरसी के निर्देश

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुंबई में दो अक्टूबर को हुए एक अवैध प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों को कथित तौर पर ढाल की तरह इस्तेमाल किए जाने के मामले का संज्ञान लिया है। आयोग की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत शिकायत पर विचार कर मुंबई के पुलिस आयुक्त को उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो फैलाए गए जिनमें भीड़ के ऊपर एक बच्चे को उठाए दिखाया गया था, जबकि उत्तेजक नारे लग रहे थे। यह भी आरोप था कि बच्चों की भागीदारी पर पहले से ही समूहों में चर्चा की गई थी और नाबालिग होने का फायदा उठाकर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश की गई।

आयोग ने पुलिस को तस्वीरों, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर आयोजकों, समन्वयकों और साथ रहे वयस्कों की भूमिका तय करने को कहा है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय, एक्स के शिकायत अधिकारी और महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग को भी नोटिस जारी किए गए हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने आयोग के इस कदम का स्वागत किया है।