फरवरी तक ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट और बढ़ोतरी संभव

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक फरवरी 2027 तक ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट की और बढ़ोतरी कर सकता है। अक्टूबर की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के ब्योरे के विश्लेषण में एमके ने दिसंबर 2026 और फरवरी 2027 में 25-25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है, जिससे मौजूदा चक्र में कुल बढ़ोतरी 75 बेसिस पॉइंट हो जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार महंगाई का दायरा वस्तुओं और सेवाओं दोनों में फैल रहा है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में चार प्रतिशत से अधिक महंगाई वाली वस्तुओं का हिस्सा मार्च 2026 में 20 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 46 प्रतिशत हो गया है। हालांकि कंपनियों के मूल्य निर्धारण में यह दबाव अभी मजबूती से नहीं बैठा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक ब्याज दरें भी आरबीआई के फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि विदेशी ऋण प्रवाह आकर्षित करने के लिए पर्याप्त ब्याज अंतर बनाए रखना जरूरी होगा। अक्टूबर में आरबीआई ने रेपो दर 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दी थी और रुख को संतुलित कड़ाई की ओर बदला था।