प्रेस कॉन्फ्रेंस हंगामे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे के बाद ऐसे आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बताया गया कि कार्यक्रम के दौरान नेहा बोरा का संबोधन बीच में ही रुकवाना पड़ा और मंच पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आयोजकों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कार्यक्रम बाधित करना उचित नहीं है। पुलिस प्रशासन ने घटना की जानकारी होने की बात कही है और कहा है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच की जाएगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों से पहले आयोजकों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय जरूरी है, ताकि ऐसी स्थितियां न बनें। इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। प्रशासन ने भविष्य के आयोजनों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की बात कही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी बात संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखें, ताकि लोकतांत्रिक माहौल बना रहे।