निर्माण मजदूरों को न्यूनतम वेतन दिलाने का विशेष अभियान

राज्य श्रम विभाग ने निर्माण मजदूरों को तय न्यूनतम वेतन दिलाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि कई निर्माण स्थलों पर मजदूरों को तय वेतन से कम भुगतान किया जाता है और कई बार मजदूरी महीनों तक रोक दी जाती है। अभियान के तहत श्रम निरीक्षक भवन निर्माण स्थलों का दौरा कर वेतन रजिस्टर और उपस्थिति की जाँच करेंगे।

नियमों के अनुसार ठेकेदारों और बिल्डरों के लिए मजदूरों का पंजीकरण और बीमा अनिवार्य है। अभियान में असंगठित मजदूरों को कल्याण बोर्ड से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि उन्हें दुर्घटना सहायता, चिकित्सा सुविधा और बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता मिल सके।

मजदूर संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि महंगाई के दौर में न्यूनतम वेतन ही श्रमिक परिवारों के लिए जीने का सहारा है। विभाग ने मजदूरों से अपील की है कि वेतन में कटौती या देरी की शिकायत श्रम कार्यालय में दर्ज कराएँ, शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।