धनतेरस पर सोना खरीदने की परंपरा बरकरार रही

धर्म डेस्क। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज हो गया है। इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदने की परंपरा रही है, जिसे लोग समृद्धि और शुभता से जोड़कर देखते हैं। सराफा बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही देखी गई और दुकानदारों ने विशेष तैयारियां कीं। कई परिवारों ने परंपरा के अनुसार चांदी के सिक्के और बर्तन खरीदे, वहीं कुछ लोगों ने सोने के आभूषणों की खरीदारी भी की। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार धनतेरस पर की गई खरीदारी शुभ फलदायी मानी जाती है और इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा का भी विशेष महत्व है। घरों में शाम को दीप जलाकर लक्ष्मी पूजन की तैयारियां की गईं। बाजारों में सजावट और भीड़ को देखते हुए दुकानदारों के चेहरों पर रौनक नजर आई। जानकारों का कहना है कि दाम चाहे जो भी हों, धनतेरस की खरीदारी की परंपरा हर वर्ग के लोगों में बरकरार है, क्योंकि यह त्योहार केवल लेन-देन का नहीं, बल्कि आस्था और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक है।