चावल निर्यात में राहत से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद
चावल निर्यात नीति में मिली राहत से किसानों और निर्यातकों में खुशी है। सरकार के फैसले के बाद गैर-बासमती चावल के निर्यात पर लगी रोक में ढील दी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय चावल की पहुँच बढ़ेगी। किसान संगठनों का कहना है कि इससे धान की कीमतों को सहारा मिलेगा।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और एशिया-अफ्रीका के कई देश भारतीय चावल पर निर्भर हैं। निर्यातकों का कहना है कि नीति में स्पष्टता आने से सौदे तेजी से पूरे होंगे। बंदरगाहों पर भी चावल की खेपों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
कृषि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि निर्यात बढ़ने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों पर नजर रखने की बात कही है, ताकि उपभोक्ताओं पर बोझ न पड़े।
