गंगा मिशन के तहत चालीस घाटों का कायाकल्प होगा
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत देश के विभिन्न शहरों में स्थित चालीस घाटों के कायाकल्प की योजना पर काम तेज हो गया है। इसके तहत घाटों की सफाई, सीढ़ियों की मरम्मत, रोशनी और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। गंगा किनारे बसे शहरों में घाट न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि स्थानीय जीवन और पर्यटन से भी गहराई से जुड़े हैं।
योजना में घाटों के आसपास कचरा प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया गया है। नदी में कचरा न जाए, इसके लिए जागरूकता अभियान और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और घाटों से जुड़े समुदायों को भी इस काम में भागीदार बनाया जा रहा है ताकि बदलाव लंबे समय तक बना रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि घाटों का सुधरना नदी की सेहत के लिए भी अच्छा संकेत है। साफ घाट, व्यवस्थित स्नान क्षेत्र और बेहतर सुविधाएँ श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करेंगी। इससे स्थानीय रोजगार को भी सहारा मिलेगा। आने वाले चरणों में काम की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
